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मंगलवार, 20 नवंबर 2018

सर्व रूप सर्वेश्वर स्वामी

सर्व रूप सर्वेश्वर स्वामी ।। सर्व जीव कौ अंतर जामी ।।टे क ।। 
सर्व नाथ सब मांहि समायक ।। सर्व सरण सब कौं सुख दायक ।।१।। 
सर्व राय सम्रथ न अधूरा ।। सर्व भरण पोषण प्रभु पूरा ।।२।। 
सर्व नांव कौ नांव निरंजन ।। जामैं बसै सदा श्रव अंजन ।।३।। 
नित्य रूप अस्थिर परकाजै ।। परसराम प्रभु प्रगट विराजै ।।४।।




जगद्गुरु श्रीनिम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्रीपरशुरामदेवाचार्य जी

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